26 फरवरी पंचांग: गुरुवार को रवि योग से मिलेगी सफलता! जानें नारायण पूजा और शुभ-अशुभ समय, विशेष मुहूर्त

26 February panchang


नई दिल्ली, 25 फरवरी। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, क्योंकि यह जीवन के हर कार्य के लिए शुभ-अशुभ समय बताता है। 26 फरवरी को नारायण और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित गुरुवार है। इस दिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगी, फिर एकादशी शुरू होगी।

पंचांग पांच अंगों से मिलकर बनता है, इनमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण है। इनका अलग-अलग महत्व है। दृक पंचांग के अनुसार, 26 फरवरी को नक्षत्र मृगशिरा दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक, उसके बाद आर्द्रा है। योग प्रीति रात 10 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। यह दिन रवि योग से युक्त है, जो शुभ फलदायी होता है। सूर्योदय 6 बजकर 49 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 19 मिनट पर होगा।

ये पांच अंग मिलकर मुहूर्त निकालने में मदद करते हैं जैसे अभिजित मुहूर्त गुरुवार को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 15 मिनट तक है, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 9 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 16 मिनट से 6 बजकर 42 मिनट तक है। अमृत काल रात 1 बजकर 23 मिनट से 2 बजकर 53 मिनट तक है और रवि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा।

पंचांग में अशुभ काल और योग का विशेष महत्व होता है, ये समय शुभ या नए कार्यों से बचने के लिए बताए जाते हैं। राहुकाल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 27 मिनट तक, यमगंड सुबह 6 बजकर 49 मिनट से 8 बजकर 16 मिनट तक है। गुलिक काल सुबह 9 बजकर 42 मिनट से 11 बजकर 8 मिनट तक है। दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 39 मिनट से 11 बजकर 25 मिनट तक है। इस दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।

गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति के साथ ही नारायण को समर्पित है। इस दिन नारायण की विशेष पूजा, दान आदि करने का विधान है। गुरुवार को पीला खाना, पीले वस्त्र को धारण करना उत्तम और मस्तक पर पीला चंदन या हल्दी लगाना फलदायी होता है।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top