एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों में निर्दोष नागरिकों की मौत पर स्वतंत्र जांच की मांग की

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की स्वतंत्र जांच की मांग की


काबुल, 24 फरवरी। अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान के हवाई हमले की न‍िंदा करते हुए एक बड़े मानवाधिकार संगठन ने स्वतंत्र, गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।

बयान में कहा गया, “एमनेस्टी इंटरनेशनल 21 और 22 फरवरी को अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में पाकिस्तान के हवाई हमले से हुई नागरिक हताहतों की रिपोर्टों को लेकर चिंतित है। नागरिकों को हुए नुकसान की इन खबरों की गहन, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”

बयान में कहा गया, "यह पहली बार नहीं है जब आम लोगों को ताकत के इस्तेमाल का खामियाजा भुगतना पड़ा है, इससे पहले, अफगानिस्तान में यूनाइटेड नेशंस असिस्टेंस मिशन ने अक्टूबर और दिसंबर 2025 के बीच 70 आम लोगों के मारे जाने और 478 दूसरे लोगों के घायल होने के लिए पाकिस्तानी मिलिट्री फोर्स को जिम्मेदार ठहराया था, जब अफगानिस्तान तालिबान फोर्स और पाकिस्तानी मिलिट्री के बीच बॉर्डर पर तनाव और झड़पें तेज हो गई थीं। एमनेस्टी इंटरनेशनल लड़ाई में शामिल सभी पार्टियों से अपनी अपील दोहराता है कि वे इंटरनेशनल कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों के हिसाब से आम लोगों को नुकसान से बचाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएं।"

अफगानिस्तान में यूनाइटेड नेशंस असिस्टेंस मिशन (यूएनएएमए) ने कहा था कि पाकिस्तान के हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 13 लोग मारे गए।

यूएनएएमए ने कहा कि 21-22 फरवरी को रात 11:15 बजे से नंगरहार के बहसूद और खोगियानी जिलों में पाकिस्तान के हवाई हमले में 13 लोग मारे गए और सात अन्य घायल हो गए।

अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी खामा प्रेस ने बताया कि दोपहर 1:45 बजे तक हवाई हमले हुए। पक्तिका के बरमल जिले में किए गए दो हमलों में एक स्कूल और एक मस्जिद को निशाना बनाया गया, जबकि पक्तिका के ओरगुन जिले में एक घर तबाह हो गया।

यूएनएएमए ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा की और सभी पार्टियों से दुश्मनी रोकने और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का पालन करने की अपील की, ताकि आम लोगों को नुकसान न हो।

22 फरवरी को अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था पर नंगरहार और पक्तिका प्रांतों के विभिन्न रिहायशी इलाकों में घातक हवाई हमले करने का आरोप लगाया, जिसके परिणामस्वरूप कई नागरिकों की मौत हुई।

मंत्रालय के अनुसार, हमलों में एक मदरसा और कई रिहायशी घरों को निशाना बनाया गया, जिससे महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिक मारे गए और घायल हुए।

अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन ऐसे समय में हुआ है जब काबुल इसे पाकिस्तान की बार-बार की आक्रामक कार्रवाइयों के रूप में वर्णित कर रहा है।

हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अफगान रक्षा मंत्रालय ने इसे अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता का खुला उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून, अच्छे पड़ोसी सिद्धांतों और इस्लामी मूल्यों का स्पष्ट उल्लंघन बताया।

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी दी कि उचित समय पर उपयुक्त और संतुलित प्रतिक्रिया दी जाएगी।

मंत्रालय ने कहा क‍ि नागरिक आबादी और धार्मिक संस्थानों पर हमले पाकिस्तान सेना की खुफिया और सुरक्षा विफलताओं का स्पष्ट प्रमाण हैं। इस तरह की बार-बार की आक्रामक कार्रवाइयां उनकी आंतरिक कमियों को कभी छिपा नहीं सकेंगी।
 

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