नई दिल्ली, 24 फरवरी। भारतीय सेना और वायु सेना के विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों ने उत्तर प्रदेश के गाेरखपुर में मंगलवार को 100 से ज्यादा लोगों के आंखों का ऑपरेशन किया। पूरे शिविर के दौरान 300 लोगों के आंखों ऑपरेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, गोरखपुर स्थित वायु सेना चिकित्सालय में आंखों के लिए एडवांस्ड मोतियाबिंद का यह एक विशाल सर्जरी शिविर था। इसमें पहले दिन ही 100 से अधिक जटिल नेत्र सर्जरी प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न की गई हैं।
इस विशेष शिविर में उन्नत मोतियाबिंद शल्य क्रिया, सूक्ष्म चीरे द्वारा काला मोतिया उपचार तथा जटिल रेटिना संबंधी उपचार सम्मिलित हैं। उपचार करने वाले सैन्य दल का नेतृत्व वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा कर रहे हैं, जो नई दिल्ली स्थित सेना चिकित्सालय में नेत्र विज्ञान विभाग के प्रमुख एवं परामर्शदाता हैं।
गौरतलब है कि आंखों की सर्जरी के इस शिविर के लिए अत्याधुनिक चिकित्सीय उपकरणों को वायु सेना के विमान द्वारा विशेष रूप से गोरखपुर लाया गया, जिससे क्षेत्र के रोगियों को उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। पूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों के आश्रितों तथा आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों की यहां व्यापक नेत्र जांच अभी भी की जा रही है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में रोगियों के लाभान्वित होने की संभावना है। पूरे शिविर की अवधि में 300 से अधिक सर्जरी प्रक्रियाएं किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह शिविर 27 फरवरी को संपन्न होगा।
गोरखपुर में शिविर के उद्घाटन के अवसर पर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की महानिदेशक वाइस एडमिरल आरती सरीन तथा वायु सेना चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक एयर मार्शल संदीप थरेजा उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को सशस्त्र बलों की मानवीय प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बताया।
यह शिविर दर्शाता है कि भारतीय सशस्त्र बल राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन भी पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। इससे पूर्व यही विशेषज्ञ दल हिमालय की तराई से लेकर जम्मू तथा कच्छ के दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों तक छह सफल नेत्र शिविर आयोजित कर चुका है। अब इस पहल के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और उन्नत नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता पुनः सुदृढ़ हुई है।