बेंगलुरु में स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर ठगी, फर्जी कॉल सेंटर ध्वस्त, 2 शातिर दबोचे गए

बेंगलुरु में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 2 लोग गिरफ्तार


बेंगलुरु, 24 फरवरी। कर्नाटक स्टेट साइबर कमांड से जुड़े बेंगलुरु के सेंट्रल डिवीजन के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने शहर में छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों पर नकली कॉल सेंटर चलाने और स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट के जरिए मुनाफा दिलाने का दावा करके लोगों को लालच देने का आरोप है।

पुलिस की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर कॉल सेंटर चलाकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए लालच देकर लोगों से ठगी की। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सूरत के रहने वाले कुमावत योगेश अमरन और दिल्ली के रहने वाले इमरान के रूप में हुई।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 31 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, 16 सिम कार्ड, मल्टीवेयर बिजनेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का लेटरहेड और पीड़ितों के नाम और मोबाइल नंबर वाली शीट जब्त की हैं।

जानकारी के अनुसार, आरोपी शिकायत करने वाले और दूसरे लोगों को कॉल करके और स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने पर मुनाफे का वादा करके उन्हें ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए लालच देकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने आईटी एक्ट के सेक्शन 66 (आर) और बीएनएस के सेक्शन 318 (4) के तहत केस दर्ज किया है।

पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपियों ने गूगल से स्टॉक मार्केट क्लाइंट का डेटा हासिल किया, दूसरे राज्यों से बैंक अकाउंट बनाए और दूसरे लोगों के नाम पर सिम कार्ड लिए। इसके अलावा, लोगों से ठगे गए पैसे को कई नकली/म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर किया गया और फिर उनके साथियों ने एटीएम के जरिए निकाल लिया। निकाले गए पैसे आपस में बांट लिए गए।

आरोपियों ने राज्य के बाहर करीब 15 कस्टमर एग्जीक्यूटिव रखे थे। ये कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव एक कॉल सेंटर से काम करते थे और लोगों को कॉल करके उन्हें यकीन दिलाते थे कि अगर वे स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें प्रॉफिट होगा। इस पर यकीन करके लोगों ने पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया। इसके बाद, आरोपियों ने एक बैंक अकाउंट दिया और इन्वेस्टमेंट के बहाने ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लिए। पैसे मिलने के बाद, वे अपने मोबाइल फोन बंद कर देते थे।

शिकायत मिलने के बाद शिकायत करने वाले को की गई कॉल की लोकेशन बीटीएम लेआउट पर मिली। जिस मोबाइल फोन पर सिम इस्तेमाल किया गया था, उसका आईएमईआई नंबर पता चला। इसके बाद, उस आईएमईआई से जुड़ी गुगल ईमेल आईडी को ट्रेस किया गया। जीमेल आईडी आरोपी कुमावत योगेश अमरराम की निकली।

मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी का पता चला और यह सामने आया कि वह जयनगर 9वें ब्लॉक में अंजनाद्री एवेन्यू में एक नकली कॉल सेंटर चला रहा था। इसके बाद, कॉल सेंटर पर छापेमारी की गई और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों को साइबर कमांड यूनिट के डीजीपी प्रणब मोहंती, एडीजीपी एम चंद्रशेखर, डीआईजीपी एचडी आनंद कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस एमई मनोज कुमार और इंस्पेक्टर एस वसीमुल्ला की गाइडेंस में गिरफ्तार किया गया।
 

Trending Content

Forum statistics

Threads
10,203
Messages
10,240
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top