नई दिल्ली, 24 फरवरी। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में युवा कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन ने देश में सियासी हलचल पैदा कर दी है। भाजपा समेत कई राजनीतिक दलों ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन की आलोचना की है। इस बीच देश के 277 पूर्व जज और अधिकारियों ने भी चिट्ठी लिखकर युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की निंदा की है। पूर्व जज और अधिकारियों ने भारतीय युवा कांग्रेस के मेंबर्स द्वारा भारत मंडपम में किए गए विरोध प्रदर्शन को बेतुका बताया है।
भारत मंडपम में 'राष्ट्रीय कलंक शीर्षक' से लिखे एक बयान में दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसएन ढ़िगरा और पूर्व डीजीपी बीएल वोहरा ने यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन की निंदा की। उन्होंने इसे राष्ट्रीय गरिमा का विश्वासघात बताया। चिट्ठी में पूर्व जज और अधिकारियों ने कहा कि हम, भारत के सभी जागरूक नागरिक, इस घटना से बेहद स्तब्ध हैं। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हाल ही में घटी अक्षम्य घटना, जहां भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों ने भारत मंडपम के गलियारों में बिना शर्ट के विरोध प्रदर्शन किया, राष्ट्रीय गरिमा का घोर उल्लंघन है। ऐसे समय में जब दुनिया के सबसे प्रभावशाली तकनीकी नेता, वैश्विक सीईओ और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि भारत को भविष्य के प्रमुख निर्माता के रूप में उभरते देखने के लिए एकत्रित हुए थे, तब सुनियोजित प्रदर्शन ने वैश्विक मंच पर देश को बदनाम करने का ही काम किया।
चिट्ठी में कहा गया कि एक उच्च स्तरीय राजनयिक और तकनीकी मंच को चुनकर एक भद्दा, प्रदर्शनकारी स्टंट अंजाम देकर, उन्होंने साबित कर दिया है कि उनकी राजनीति गणतंत्र की प्रतिष्ठा से ऊपर व्यक्तिगत दिखावे को प्राथमिकता देती है। यह और भी घृणित है क्योंकि यह असहमति की सहज अभिव्यक्ति नहीं थी बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। क्यूआर कोड का उपयोग करके वैध प्रतिभागियों के वेश में एक सुरक्षित, अंतर्राष्ट्रीय स्थल में प्रवेश करना, केवल कपड़े उतारकर अश्लील नारे लगाने के लिए, सुरक्षा और बुनियादी शिष्टाचार दोनों का उल्लंघन है। ऐसा व्यवहार 'सक्रियता' नहीं है, यह वैश्विक निवेशकों और भागीदारों को अस्थिरता का संकेत देने के लिए डिजाइन किया गया 'राष्ट्र-विरोधी अवरोध' है।
कहा गया कि किसी भी राजनीतिक दल द्वारा अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन को 'नग्न' प्रदर्शन के लिए मंच के रूप में इस्तेमाल करना, दुनिया को यह संदेश देना है कि भारत एक परिष्कृत वैश्विक शक्ति के बजाय अराजकता का देश है। यह हमारे वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत, हमारे इंजीनियरों की आकांक्षाओं और 14 लाख नागरिकों के आतिथ्य सत्कार का उपहास करता है। लोकतांत्रिक विरोध एक पवित्र अधिकार है, लेकिन यह अराजकता या राष्ट्र के सार्वजनिक अपमान का लाइसेंस नहीं है। सच्चा राजनीतिक विरोध बौद्धिक दृढ़ता और संसदीय बहस के माध्यम से नीतियों को चुनौती देता है। यह सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के सामने कपड़े उतारने का सहारा नहीं लेता।
बयान में कहा गया कि इस स्टंट ने हमारे विरोधियों को भारत की सफलता की कहानी को कमजोर करने के लिए आवश्यक फुटेज प्रदान कर दिया है। यह 'शर्टलेस' स्टंट 'बुद्धिहीन' राजनीति का एक दयनीय प्रदर्शन था, जो भारतीय युवाओं की बुद्धिमत्ता का अपमान करता है, जिनका प्रतिनिधित्व करने का यह दावा करता है।
उन्होंने कहा कि हम, जागरूक नागरिकों के रूप में, एक राष्ट्रीय उपलब्धि को पक्षपातपूर्ण तमाशे के लिए हाईजैक करने के इस प्रयास की कड़ी निंदा करते हैं। राजनीति को देशभक्ति की सीमा पर ही रुक जाना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय मंच किसी भी राजनीतिक दल के अशोभनीय आंतरिक झगड़ों के लिए वर्जित रहने चाहिए। ऐसे कृत्यों से किसी सरकार को नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र को चोट पहुंची है। हम ऐसी किसी भी राजनीतिक संस्कृति को सामूहिक रूप से अस्वीकार करने का आह्वान करते हैं जो मातृभूमि के सार्वजनिक अपमान में गर्व महसूस करती है।