तेहरान, 24 फरवरी। ईरान नहीं चाहता कि उसकी जनता जंग के हालात से दो चार हो। सरकार की प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि "बढ़ते बाहरी खतरों" के बावजूद, तेहरान युद्ध के खतरे को दूर रखने पर केंद्रित है।
ईरान की आधिकारिक इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) ने प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी के हवाले से मंगलवार को एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि ईरानी सरकार के सभी विभाग तमाम तनाव के बीच माहौल को शांत बनाए रखने का काम कर रहे हैं।
आईआरएनए ने बताया, "प्रवक्ता ने जोर दिया कि सरकार हमेशा जंग के बजाय कूटनीति को तरजीह देती है। उन्होंने कहा कि डिप्लोमेसी और डेटरेंस (प्रतिरोध) दोनों ही देश की इज्जत और देश के हितों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी स्ट्रेटेजी हैं।"
मोहजेरानी ने कहा कि कूटनीतिक कोशिशों को "गंभीरता से आगे बढ़ाने" के साथ-साथ, सरकार मुकाबले की अपनी क्षमता को भी बढ़ा रही है और सैन्य बल के जरिए विरोधी ताकतों से लड़ने के लिए भी तैयार है।
उन्होंने आगे कहा, "हाल की मिलिट्री ड्रिल्स उस तैयारी को दिखाती हैं, लेकिन साथ ही,वार्ता को भी सावधानी और सतर्कता के साथ फॉलो किया जा रहा है।"
मोहजेरानी ने यह भी कहा कि अधिकारी डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं, डिप्लोमैटिक प्रोसेस के नतीजों के प्रति समर्पित हैं, और किसी भी गलत कैलकुलेशन को रोकने के लिए सभी टूल्स का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर, हम दोनों रास्तों के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।"
यूनिवर्सिटी के छात्रों के हाल के प्रदर्शन के मुद्दे पर प्रवक्ता ने कहा कि प्रशासन छात्रों के विरोध प्रदर्शन को उनका अधिकार मानता है। हम मानते हैं कि वे समाज के सक्रिय और जागरूक सदस्य हैं।
प्रमुख न्यूज एजेंसी ने बताया, "हालांकि, सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि गुस्से के समय में भी धार्मिक पवित्रता और राष्ट्रीय झंडे के सम्मान सहित कुछ रेड लाइन्स का पालन किया जाना चाहिए।" उन्होंने ये भी बताया कि ईरान में जनवरी की अशांति का रिव्यू करने के लिए बनाई गई फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी नियमित बैठक कर रही है और कैदियों की रिहाई जैसे मुद्दों पर काम कर रही है।
आईआरएनए के अनुसार, "मोहाजरानी ने कहा कि आगे अगर हम बढ़ना चाहते हैं तो वह रास्ता टकराव के बजाय रचनात्मक बातचीत और समझदारी में है। उन्होंने विज्ञान और स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के निदेशक और फैकल्टी मेंबर्स को उनके सब्र और यूनिवर्सिटी को फिर से खोलने में मदद करने की कोशिशों के लिए शुक्रिया अदा किया।"