मोदी सरकार का कश्मीर को तोहफा: श्रीनगर एयरपोर्ट पर 1,677 करोड़ का सिविल एन्क्लेव, मजबूत होगा एविएशन

कैबिनेट ने श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 1,677 करोड़ रुपए में सिविल एन्क्लेव के विकास को दी मंजूरी


नई दिल्ली, 24 फरवरी। कश्मीर घाटी में विमानन बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 1,677 करोड़ रुपए की लागत से सिविल एन्क्लेव के विकास को मंजूरी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने इस परियोजना को स्वीकृति दी है। परियोजना के दायरे में सुरक्षा कर्मियों के लिए बैरकों (आवास) का निर्माण भी शामिल है।

करीब 73.18 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला नया सिविल एन्क्लेव एक अत्याधुनिक टर्मिनल भवन से लैस होगा, जिसका कुल क्षेत्रफल 71,500 वर्ग मीटर होगा, जिसमें 20,659 वर्ग मीटर मौजूदा ढांचा शामिल है। यह टर्मिनल पीक समय में 2,900 यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा और इसकी वार्षिक क्षमता 1 करोड़ यात्रियों (10 मिलियन प्रति वर्ष) की होगी।

कैबिनेट की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "विस्तारित एप्रन क्षेत्र में 15 विमानों के पार्किंग बे होंगे, जिनमें 1 वाइडबॉडी (कोड ई) विमान के लिए स्थान शामिल है (9 मौजूदा और 6 नए प्रस्तावित), जबकि 3,658 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे भारतीय वायुसेना (आईएएफ) द्वारा संचालित होता रहेगा। परियोजना के तहत 1,000 कारों की क्षमता वाला बहु-स्तरीय पार्किंग परिसर भी बनाया जाएगा।

नया टर्मिनल आधुनिक डिजाइन और कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का सुंदर मिश्रण होगा, जिसमें पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी और स्थानीय शिल्पकला की झलक दिखाई देगी। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित प्रोसेसिंग क्षेत्र, विशाल लाउंज और उन्नत सुरक्षा व चेक-इन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा संचालित यह एयरपोर्ट भारतीय वायुसेना के बडगाम एयरबेस परिसर में स्थित है। इसे वर्ष 2005 में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा दिया गया था और यह श्रीनगर शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर है।

यह परियोजना केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तक सीमित नहीं है; इससे पर्यटन और आर्थिक विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण डल झील, शंकराचार्य मंदिर और मुगल गार्डन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रीनगर एक प्रमुख पर्यटन व आर्थिक केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।

बयान के अनुसार, सिविल एन्क्लेव का विकास विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और कश्मीर की प्राकृतिक व सांस्कृतिक सुंदरता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने में मदद मिलेगी।
 

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