तमिलिसै सौंदरराजन का स्टालिन पर हमला: कब तक सियासी फायदे को भुनाने के लिए खेलेंगे भावनात्मक कार्ड?

एमके स्टालिन सियासी फायदे के लिए भावनात्मक मुद्दों का जिक्र कर रहे हैं: तमिलिसै सौंदरराजन


चेन्नई, 24 फरवरी। भाजपा नेता तमिलिसै सौंदरराजन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी क्या वजहें हैं कि वे हमेशा चुनाव आने से पहले ही ऐसे मुद्दों को उठाना जरूरी समझते हैं, जिससे लोगों को भावनात्मक रूप से इस्तेमाल किया जा सकें।

उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हम इस बात को भलीभांति जानते हैं कि जैसी चुनाव की घड़ी निकट आती है, तो एमके स्टालिन कभी भाषा तो कभी परिसीमन जैसे मद्दों का जिक्र करके राजनीतिक लाभ अर्जित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि इससे किसी भी प्रकार का राजनीतिक लाभ प्राप्त होने वाला नहीं है।

भाजपा नेता तमिलिसै सौंदरराजन ने कहा कि मुझे यह कहने में कोई हर्ज नहीं है कि एमके स्टालिन मौजूदा समय में भावनात्मक मुद्दों का जिक्र अपने पक्ष में राजनीतिक माहौल कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से बड़े स्तर पर राजनीतिक फायदा प्राप्त होगा। मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहती हूं कि इससे उन्हें किसी भी प्रकार का फायदा होने वाला नहीं है, क्योंकि आज की तारीख में प्रदेश की जनता काफी समझदार है। वो हर चीजों से वाकिफ हैं। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री की ओर से ऐसे भावनात्मक मुद्दों का जिक्र किया जाना पूरी तरह से निष्फल ही साबित होगा।

उन्होंने कहा कि यह सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है, इसलिए अब यह लोग अपने कामों को आधार बनाकर प्रदेश की जनता के बीच में नहीं पहुंच पा रही है। इसी वजह से ये लोग ऐसे मुद्दों का जिक्र कर रहे हैं, जिससे इन्हें राजनीतिक लाभ अर्जित हो सके। मेरा स्पष्ट कहना है कि इससे इन्हें किसी भी प्रकार का कोई फायदा होने वाला नहीं है।

उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वो अपने प्रशंसकों को खुश करने के मकसद से इस तरह का बयान दे रहे हैं कि मौजूदा में सिर्फ दो ही राजनीतिक दलों के बीच में प्रदेश में मुकाबला होने जा रहा है, जिसमें प्रमुख रूप से टीवीके और डीएमके शामिल हैं, लेकिन अगर वैचारिक दृष्टि से देखें, तो यह मुकाबला दो गठबंधनों के बीच में है, जिसमें प्रमुख रूप से प्रो डीएमके और एंटी डीएमके शामिल हैं। एंटी डीएमके एनडीए अलायंस का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अगर वैचारिक रूप से देखें, तो इनके द्वारा उठाए गए मुद्दों हमारे लिए सहायक सिद्ध होंगे। अगर विशुद्ध रूप से प्रदेश में मुकाबले की बात करें, तो यह मुकाबला डीएमके और बीजेपी के बीच में है।
 

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