फोनपे ने मारी बाजी! 56 प्रतिशत बढ़ी कमाई, घटा घाटा; पेमेंट से आगे बढ़कर लेंडिंग-इंश्योरेंस में नया अवतार

फोनपे की कमाई में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी, कम हुआ घाटा; पेमेंट से आगे बढ़कर लेंडिंग-इंश्योरेंस पर जोर


नई दिल्ली, 24 फरवरी। फोनपे द्वारा दाखिल वित्तीय खुलासों से पता चलता है कि पिछले तीन वित्त वर्षों में कंपनी की आय, मुनाफे से जुड़े आंकड़ों और नकदी प्रवाह (कैश जनरेशन) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो कि भारत के तेजी से बदलते फिनटेक क्षेत्र में कंपनी की वित्तीय स्थिति में सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है।

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के अनुसार, फोनपे की परिचालन से आय (रेवेन्यू) वित्त वर्ष 2023 में 2,914.28 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 7,114.85 करोड़ रुपए हो गई, जो 56.25 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) को दर्शाता है। इस अवधि में आय में बढ़ोतरी का कारण मर्चेंट पेमेंट, लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन जैसे विभिन्न कारोबारों में बेहतर कमाई रहा।

कुल आय में मर्चेंट पेमेंट की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023 में 14.75 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 27.99 प्रतिशत हो गई। 30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीने की अवधि में यह बढ़कर 30.78 प्रतिशत हो गई। वहीं, लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सेवाओं की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023 में 0.96 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 7.84 प्रतिशत और हाल की छह महीने की अवधि में 11.55 प्रतिशत हो गई।

इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी अब केवल पेमेंट बिजनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने कारोबार में विविधता भी ला रही है।

कंपनी के घाटे में भी उल्लेखनीय कमी आई है। वित्त वर्ष 2025 में संशोधित घाटा घटकर 1,727.41 करोड़ रुपए रह गया, जो वित्त वर्ष 2023 की तुलना में 1,068.65 करोड़ रुपए का सुधार दर्शाता है। इसी अवधि में घाटा मार्जिन वित्त वर्ष 2023 के 90.68 प्रतिशत से सुधरकर वित्त वर्ष 2025 में 22.64 प्रतिशत हो गया।

डीआरएचपी में परिचालन लाभ (ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी) में सुधार का भी उल्लेख है। फोनपे ने वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2025 में सकारात्मक एडजस्टेड ईबीआईटीडीए और एडजस्टेड प्रॉफिट दर्ज किया। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने एडजस्टेड ईबीआईटी स्तर पर भी मुनाफा हासिल किया, जो लागत नियंत्रण और बढ़ते राजस्व के कारण संभव हुआ।

इस अवधि में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि फ्री कैश फ्लो (मुक्त नकदी प्रवाह) का सृजन रहा। फोनपे ने वित्त वर्ष 2025 में 190.47 करोड़ रुपए और 30 सितंबर 2024 को समाप्त छह महीने की अवधि में 250.16 करोड़ रुपए का फ्री कैश फ्लो दर्ज किया। यह मुख्य रूप से परिचालन गतिविधियों से बढ़ी नकदी के चलते संभव हुआ।

कंपनी का कहना है कि उसका बिजनेस मॉडल फ्री कैश जनरेशन पर केंद्रित है, जिससे दोबारा निवेश, नए प्लेटफॉर्म में विस्तार और बैलेंस शीट को मजबूत किया जा सके।

डीआरएचपी के अनुसार, वित्तीय सुधार में तकनीकी अवसंरचना में किए गए निवेश की भी बड़ी भूमिका रही है, जिसमें मालिकाना डेटा सेंटर, ऑटोमेशन पहल और डेटा आधारित ग्राहक अधिग्रहण रणनीतियां शामिल हैं। इन उपायों से लेनदेन की मात्रा बढ़ने के बावजूद लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिली, जिससे मार्जिन और नकदी प्रवाह में सुधार हुआ।

फोनपे ने पूंजी आवंटन (कैपिटल एलोकेशन) में अनुशासित दृष्टिकोण अपनाने की बात भी कही है। कंपनी तरलता (लिक्विडिटी) बनाए रखने, सोच-समझकर विकास पूंजी लगाने और निवेश को प्रदर्शन से जोड़ने पर ध्यान दे रही है।

इन खुलासों से संकेत मिलता है कि पिछले तीन वित्त वर्षों में कंपनी ने परिचालन दक्षता बढ़ाने, आय के स्रोतों में विविधता लाने और नकदी प्रवाह मजबूत करने की दिशा में काफी प्रगति की है।
 
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