एआई के भविष्य पर वैश्विक सहमति: नई दिल्ली घोषणापत्र से जुड़े 91 देश-संगठन, सहयोग का बना बड़ा मंच

एआई इम्पैक्ट पर 'नई दिल्ली घोषणापत्र' में शामिल हुए 91 देश और वैश्विक संगठन


नई दिल्ली, 24 फरवरी। एआई इम्पैक्ट पर 'नई दिल्ली घोषणापत्र' में शामिल होने वाले देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की संख्या बढ़कर 91 हो गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह जानकारी मंगलवार को दी गई।

पिछले सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का समापन नई दिल्ली घोषणा को अपनाने के साथ हुआ। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि 21 फरवरी 2026 तक 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस घोषणा का समर्थन किया था। इसके बाद बांग्लादेश, कोस्टा रिका और ग्वाटेमाला भी इससे जुड़ गए, जिससे हस्ताक्षरकर्ताओं की कुल संख्या 91 हो गई है।

यह घोषणा एआई का उपयोग आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए करने पर व्यापक वैश्विक सहमति को दर्शाती है। 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के सिद्धांत से प्रेरित यह घोषणा इस बात पर जोर देती है कि एआई के लाभ पूरी मानवता तक समान रूप से पहुंचने चाहिए।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, घोषणा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बहु-हितधारक भागीदारी को मजबूत करने, राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने और सुलभ तथा भरोसेमंद ढांचे के माध्यम से एआई को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

घोषणा में आर्थिक परिवर्तन में एआई की भूमिका, ओपन-सोर्स और सुलभ एआई इकोसिस्टम का महत्व, ऊर्जा-कुशल एआई अवसंरचना की आवश्यकता, विज्ञान, शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में एआई की भूमिका बढ़ाने तथा वैश्विक सहयोग को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

बयान में कहा गया है कि मजबूत डिजिटल अवसंरचना और सस्ती व सार्थक कनेक्टिविटी एआई को लागू करने और उसकी पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए आवश्यक है।

'वसुधैव कुटुंबकम' के सिद्धांत से प्रेरित होकर इसमें एआई संसाधनों की वहनीयता और पहुंच बढ़ाने के महत्व को स्वीकार किया गया है, ताकि सभी देश अपने नागरिकों के लाभ के लिए एआई का विकास, अपनाना और उपयोग कर सकें।

घोषणा में यह भी कहा गया है कि सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत एआई को आगे बढ़ाना समाज और अर्थव्यवस्था के अधिकतम लाभ के लिए विश्वास निर्माण की बुनियाद है।
 

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