बार-बार पेट फूलना किसी बड़े खतरे का हो सकता है संकेत, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

बार-बार पेट फूलना किसी बड़े खतरे का हो सकता है संकेत, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज


मुंबई, 24 फरवरी। दुनियाभर में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इन्हीं में एक गंभीर रोग है पेट का कैंसर। यह बीमारी इसलिए और खतरनाक मानी जाती है क्योंकि शुरुआती चरण में इसके लक्षण सामान्य पेट की समस्याओं जैसे लगते हैं। कई लोग इसे गैस, अपच या थकान समझकर टाल देते हैं।

अधिकतर मामलों में इसका पता तब चलता है जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है या शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैलने लगती है। कैंसर से जुड़ी जानकारी देने वाली संस्था अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें समय रहते पहचान लिया जाए तो इलाज आसान हो सकता है।

सबसे पहला और आम दिखने वाला संकेत है पेट का बार-बार फूलना। आमतौर पर भारी या मसालेदार खाना खाने के बाद पेट फूलना सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर थोड़ी-सी मात्रा में भोजन करने पर ही पेट भरा-भरा लगने लगे, या लगभग रोज पेट में भारीपन और जकड़न महसूस हो, तो यह सामान्य बात नहीं है।

विज्ञान के अनुसार, पेट के कैंसर की शुरुआती अवस्था में भोजन को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। आयुर्वेद भी मानता है कि जब पाचन अग्नि कमजोर पड़ती है और भोजन सही ढंग से नहीं पचता, तो अंदरूनी असंतुलन पैदा होता है। अगर पेट फूलना खाने की आदत बदलने के बावजूद बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

दूसरा अहम लक्षण है बिना वजह लगातार थकान महसूस होना। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान होना आम लगता है, लेकिन जब पर्याप्त नींद और आराम के बाद भी शरीर में कमजोरी बनी रहे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। पेट के कैंसर में धीरे-धीरे अंदरूनी ब्लीडिंग हो सकती है, जो बाहर से नजर नहीं आती। इससे शरीर में खून और आयरन की कमी हो जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, इसमें शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है। अगर थकान के साथ चक्कर आना, त्वचा का पीला पड़ना या सांस फूलने लगे, तो जांच करवाना जरूरी है।

तीसरा संकेत है अचानक वजन कम होना और जल्दी पेट भर जाना। कई बार व्यक्ति सामान्य मात्रा में खाना शुरू करता है, लेकिन कुछ कौर खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस होने लगता है। इसका कारण यह हो सकता है कि भोजन का रास्ता आंशिक रूप से बाधित हो रहा हो। विज्ञान कहता है कि कैंसर कोशिकाएं शरीर की ऊर्जा ज्यादा खपत करती हैं, जिससे वजन तेजी से गिरने लगता है। आयुर्वेद इसे शरीर के संतुलन के बिगड़ने का संकेत मानता है।

चौथा लक्षण है बार-बार मितली जैसा महसूस होना। कभी-कभी मितली आना सामान्य है, लेकिन अगर बिना किसी कारण यह रोज होने लगे, तो सतर्क हो जाना चाहिए। कुछ लोगों को खाना खाते ही उल्टी आती है, तो कुछ को सुबह उठते ही। पेट की अंदरूनी परत में जलन या सूजन इसकी वजह हो सकती है। यह ऐसा लक्षण है जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक बना रहना खतरे की घंटी हो सकता है।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top