श्रीलंकाई कैद में 116 तमिल मछुआरे: स्टालिन की केंद्र से गुहार, तत्काल हो रिहाई और हस्तक्षेप

श्रीलंका की हिरासत में तमिलनाडु के 116 मछुआरे, सीएम स्टालिन ने केंद्र से हस्तक्षेप की अपील की


चेन्नई, 23 फरवरी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपील किया कि वे श्रीलंकाई नौसेना द्वारा हिरासत में लिए गए तमिलनाडु के मछुआरों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कूटनीतिक कदम उठाएं।

विदेश मंत्री जयशंकर के नाम एक पत्र में सीएम स्टालिन ने राज्य के 12 मछुआरों को हाल ही में हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई और कहा कि बार-बार हो रही गिरफ्तारियों से मछली पकड़ने पर निर्भर तटीय समुदायों को बहुत परेशानी हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस घटना के साथ ही श्रीलंका की हिरासत में तमिलनाडु के मछुआरों की कुल संख्या बढ़कर 116 हो गई है।

उन्होंने यह भी बताया कि तमिलनाडु के मछुआरों की 259 मछली पकड़ने वाली नावें अभी भी श्रीलंकाई अधिकारियों ने जब्त कर रखी हैं और इस स्थिति को चिंताजनक और समुद्री गतिविधियों से होने वाली रोज़ की कमाई पर निर्भर मछली पकड़ने वाले समुदायों के लिए मुश्किल बताया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, ताजा घटनाक्रम 22 फरवरी की रात की है, जब रामनाथपुरम जिले के पंबन फिश लैंडिंग सेंटर से निकली एक मशीन वाली मछली पकड़ने वाली नाव को श्रीलंकाई नेवी ने रोक लिया। इसके बाद श्रीलंकाई अधिकारियों ने नाव पर सवार 12 मछुआरों को हिरासत में लेते हुए उनके नाव को जब्त कर लिया।

सीएम स्टालिन ने कहा कि राज्य सरकार के बार-बार कहने के बावजूद ऐसी घटनाएं होती रही हैं और उन्होंने भारत और श्रीलंका के बीच तुरंत और लगातार डिप्लोमैटिक बातचीत की जरूरत पर जोर दिया ताकि आगे और लोगों को हिरासत में न लिया जाए और भारतीय मछुआरों की सुरक्षा पक्की की जा सके।

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मछुआरों को मन्नार की खाड़ी में धनुषकोडी और थलाइमन्नार के बीच पानी में मछली पकड़ते समय पकड़ा गया था। जब्त की गई नाव कथित तौर पर रामनाथपुरम जिले के पंबन के रहने वाले डेविड नाम के एक मछुआरे की है।

स्टालिन ने इन गिरफ्तारियों को बार-बार होने वाले पैटर्न का हिस्सा बताया और श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जा रहे मछुआरों की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बार-बार हिरासत में लिए जाने से तटीय परिवारों में डर, अनिश्चितता और पैसे की तंगी पैदा हो गई है, जिनमें से कई अपने गुजारे के लिए पूरी तरह से मछली पकड़ने पर निर्भर हैं। उन्होंने आगे कहा कि मछली पकड़ने वाली नावों को लगातार ज़ब्त किए जाने से प्रभावित मछुआरों और उनके परिवारों की पैसे की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

मछुआरों के संगठनों ने भी राज्य और केंद्र सरकार दोनों से श्रीलंका के साथ डिप्लोमैटिक कोशिशें तेज़ करने की अपील की है ताकि हिरासत में लिए गए मछुआरों की रिहाई हो सके और आगे ऐसी घटनाएं न हों।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,712
Messages
16,749
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top