लखनऊ, 23 फरवरी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है और धनबल के जरिए राजनीति कर रही है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर एफआईआर दर्ज होने के मामले में अजय राय ने कहा कि यह कदम भाजपा को महंगा पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हमेशा सच बोलते रहे हैं और काशी में मंदिरों से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी है। अजय राय ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कार्रवाई उनके चरित्र को धूमिल करने की कोशिश है और इसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।
कांग्रेस नेता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भाजपा केवल पैसे के बल पर लोगों को तोड़ने का काम कर रही है। उनका आरोप था कि चुनाव के समय मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन वितरण और लालच देने की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए घातक है।
अजय राय ने कहा, “जनता का वोट लेने के लिए पैसे बांटना लोकतंत्र की हत्या है। बिहार चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपए डाले गए। यह तरीका लोकतांत्रिक नहीं है।” उन्होंने दावा किया कि भाजपा भ्रष्टाचारियों की पार्टी बनती जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए अजय राय ने कहा कि सरकार केवल हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर राजनीति कर रही है। बदायूं की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एक संगठन से जुड़े व्यक्ति द्वारा तीन मुस्लिम युवकों की पिटाई के मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे ने वहां जाकर पीड़ितों से मुलाकात की और पार्टी उनके साथ खड़ी है।
अजय राय ने लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मजार तोड़े जाने और विश्वविद्यालय परिसर की 200 साल पुरानी इमारत को जर्जर बताए जाने के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि सरकार को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करना चाहिए और वहां की परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल खराब नहीं किया जाना चाहिए और इस तरह की कार्रवाइयों पर रोक लगनी चाहिए।