भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत से समझौता, ऐसे बढ़ रहा है हाई ब्लड प्रेशर का खतरा

भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत से समझौता, ऐसे बढ़ रहा है हाई ब्लड प्रेशर का खतरा


नई दिल्ली, 11 जनवरी। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में मोबाइल, काम का दबाव, पढ़ाई की चिंता और लगातार भागदौड़ ने हमारी दिनचर्या को इस कदर बिगाड़ दिया है कि उसका सीधा असर सेहत पर दिखने लगा है।

इन्हीं में से एक है हाई ब्लड प्रेशर, जिसे अक्सर लोग उम्र से जोड़कर देखते हैं, लेकिन अब यह समस्या युवाओं और कम उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ रही है। ब्लड प्रेशर अचानक नहीं बढ़ता, बल्कि रोज की छोटी-छोटी गलत आदतें धीरे-धीरे शरीर के अंदर ऐसा माहौल बना देती हैं, जिससे यह बीमारी धीरे-धीरे पनपने लगती है।

सबसे पहले बात नींद की करें तो शरीर के लिए नींद किसी दवा से कम नहीं होती। जब हम रोजाना सात घंटे से कम सोते हैं, तो शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता। खासतौर पर जब नींद पांच से छह घंटे या उससे भी कम हो जाती है, तो शरीर तनाव की स्थिति में चला जाता है। नींद के दौरान हमारा ब्लड प्रेशर अपने आप थोड़ा नीचे आता है, जिससे दिल और दिमाग को आराम मिलता है। लेकिन नींद पूरी न होने पर यह नेचुरल आराम नहीं मिल पाता। इसका नतीजा यह होता है कि शरीर में कोर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है, जो नसों को संकुचित कर देता है। जब नसें सिकुड़ती हैं, तो खून को बहने में ज्यादा दबाव लगाना पड़ता है और यहीं से ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है।

मानसिक तनाव भी ब्लड प्रेशर बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाता है। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक चिंता, डर या दबाव में रहता है, तो शरीर हमेशा अलर्ट मोड में रहता है। इस हालत में सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम लगातार सक्रिय रहता है, जो दिल की धड़कन तेज करता है और खून की नलियों को सख्त बनाता है। ऐसा रोजाना होने पर शरीर इस स्थिति को सामान्य मानने लगता है और धीरे-धीरे यही हाई ब्लड प्रेशर में बदल जाता है।

देर रात खाना खाना भी एक आम लेकिन खतरनाक आदत बन चुकी है। जब हम रात में भारी या ज्यादा कैलोरी वाला खाना खाते हैं, तो शरीर का सर्कैडियन रिदम बिगड़ जाता है। इससे किडनी सही तरीके से नमक और पानी का संतुलन नहीं बना पाती। साथ ही इंसुलिन का असर भी कम होने लगता है। इसका नतीजा यह होता है कि शरीर में अतिरिक्त सोडियम जमा होने लगता है, जिससे खून की मात्रा बढ़ती है और नसों पर दबाव पड़ता है। यही दबाव ब्लड प्रेशर को ऊपर ले जाता है।

कैफीन भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है। कैफीन लेने के तुरंत बाद नसें सिकुड़ जाती हैं और दिल तेजी से धड़कने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है। अगर कैफीन देर शाम या रात में ली जाए, तो नींद खराब होती है। नींद खराब होने से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं और ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं रह पाता। लगातार कैफीन पर निर्भर रहना शरीर को आराम की स्थिति में आने ही नहीं देता।
 

Latest Replies

Forum statistics

Threads
1,015
Messages
1,093
Members
14
Latest member
Pintu
Back
Top