गर्मियों में लौंग की तासीर गर्म, फिर भी देगी शरीर को ठंडक! जानिए कूल रहने के जादुई नुस्खे

गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने में लौंग करेगी मदद, बस जान लें ये शानदार टिप्स


नई दिल्ली, 23 फरवरी। लौंग एक ऐसा मसाला है, जिसके उपयोग से खाने का स्वाद दोगुना हो जाता है। लौंग का इस्तेमाल सर्दियों में ज्यादा किया जाता है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है और ये सर्दी और खांसी में आराम भी देती है।

बहुत कम लोग जानते हैं कि गर्मियों में भी लौंग का उपयोग कई बीमारियों से बचा सकता है? बशर्ते इसका सही प्रयोग पता होना चाहिए। विज्ञान और आयुर्वेद दोनों मानते हैं कि छोटी सी लौंग गर्मियों में शरीर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है, लेकिन कैसे, यह हम आपको बताएंगे।

आयुर्वेद में लौंग को 'देवपुष्प' कहा गया है। हालांकि इसकी तासीर गर्म मानी जाती है, लेकिन इसमें कुछ ऐसे गुण हैं जो विशेष परिस्थितियों में शरीर को ठंडक और शांति प्रदान करते हैं। अगर सही तरीके से लौंग का सेवन किया जाए तो गर्मी और लू जैसी परेशानियों से राहत पाई जा सकती है। लौंग की तासीर भले ही गर्म है, लेकिन इसके प्रभाव शीतलता देने वाले होते हैं। यह कफ, पित्त और रक्त दोषों को शांत करती है और शरीर में गर्मी का तापमान भी सही बनाए रखती है। बहुत कम लोग जानते हैं कि लौंग का उपयोग आंखों के लिए बेहद लाभकारी है।

लौंग की तासीर गर्म है, लेकिन वो फिर भी शरीर में पित्त को संतुलित करती है। अगर गर्मियों में बार-बार प्यास लगती है या फिर डिहाइड्रेशन होता है, तब भी लौंग का सेवन राहत देता है। लौंग के सेवन से मुंह में लार का उत्पादन तेजी से होता है, जिससे गर्मियों में मुंह सूखने की परेशानी कम होती है।

गर्मियों में अक्सर पानी की कमी से मुंह में दुर्गंध की समस्या रहती है। सर्दियों की तुलना में गर्मियों में मुंह और पेट के अंदर बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। ऐसे में लौंग बैक्टीरिया को कम करके ओरल हाइजीन को बनाए रखता है। इससे दुर्गंध की समस्या भी कम होती है। गर्मियों में भारी खाना कम पच पाता है क्योंकि पाचन अग्नि कम तीव्र होती है। ऐसे में जठराग्नि को संतुलित करने के लिए लौंग का सेवन करना जरूरी है। लौंग पाचन अग्नि को तेज कर खाने को पचाने में मदद करती है और पेट से संबंधित परेशानियों से भी राहत देती है।

लौंग में मौजूद 'यूजेनॉल' नाम का यौगिक पाया जाता है, जो शरीर को हर मौसम में संतुलित करने में मदद करता है। आयुर्वेद में इसलिए लौंग को नेचुरल कूलर माना गया है। इसके लिए रात को भिगोकर लौंग का सेवन करें और मिश्री के साथ भी लौंग ले सकते हैं।
 
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