कोलकाता, 23 फरवरी। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय की मौत पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि मुकुल रॉय बंगाल के एक सीनियर नेता, टीएमसी के नेशनल लीडर और पूर्व सेंट्रल मिनिस्टर थे।
कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि मुकुल रॉय ने बंगाल की पॉलिटिक्स में अहम योगदान दिया और भाजपा में रहने के दौरान भी उनके अनुभव से हमें फायदा हुआ। उन्होंने मजबूरी में पार्टी छोड़ी। वे कुछ समय से बीमार थे और मुझे लगता है कि उन्हें अभी और योगदान देना था। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का रविवार देर रात अपोलो मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। वे लंबे समय से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार की ओर से मुकुल रॉय के निधन की पुष्टि की गई है।
रॉय कभी तृणमूल कांग्रेस में पार्टी के जनरल सेक्रेटरी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे करीबी भरोसेमंद के तौर पर दूसरे नंबर के नेता थे। वे उन पहले नौ नेताओं में से थे जिन्होंने नब्बे के दशक के आखिर में एक नई पॉलिटिकल पार्टी, तृणमूल कांग्रेस बनाने के लिए चुनाव आयोग से संपर्क किया था। यह पार्टी ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होने के बाद बनाई थी। पश्चिम बंगाल में राज्य कांग्रेस के कई नेताओं ने उनका साथ दिया था।
2017 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से नाता तोड़ने और भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा मेंबर के तौर पर अपनी कुर्सी से भी इस्तीफा दे दिया। वह 2021 तक भाजपा के साथ रहे।
बीमारी के चलते पूर्व रेल मंत्री स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय राजनीति से दूर थे। उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी। टीएमसी और भाजपा में उन्होंने अपने अनुभव के तहत काम किया। उनकी राजनीतिक समझ ने उन्हें बंगाल में काफी बड़ी पहचान दिलाई।