गंगटोक, 23 फरवरी। भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन हिमराहत' के तहत पूर्वी सिक्किम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंसे 46 पर्यटकों को बचाया। सोमवार को अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है।
रक्षा अधिकारियों ने बताया कि 22 फरवरी को अचानक और भारी हिमपात तथा शून्य से नीचे तापमान के कारण पूर्वी सिक्किम के कई संवेदनशील इलाकों में आवागमन बाधित हो गया, जिससे कई पर्यटन वाहन फंस गए और नागरिक भीषण जलवायु परिस्थितियों के संपर्क में आ गए।
अधिकारियों ने बताया कि तत्काल कार्रवाई करते हुए, क्षेत्र में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए समन्वित राहत और बचाव अभियान शुरू किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बचाए गए पर्यटकों को निकटतम सेना शिविर में ले जाया गया, जहां, उन्हें चिकित्सीय जांच और आवश्यक देखभाल की गई।
भारतीय सेना ने भीषण ठंड और ऊंचाई से संबंधित तनाव के प्रभावों को कम करने के लिए गर्म आश्रय, भोजन, हीटिंग सुविधाएं और आवश्यक राहत सामग्री दी गई। चिकित्सा टीमें बचाए गए सभी लोगों की स्वास्थ्य स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं और उनकी तबीयत ठीक होने के बाद ही आगे भेजा जाएगा। फंसे हुए लोगों को निकालने के अलावा, सेना ने प्रभावित मार्गों से 150 से अधिक पर्यटक वाहनों को सुरक्षित स्थानों तक सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से पहुंचाने में भी मदद की।
सैनिकों ने कठिनाई वाले इलाकों में यातायात को नियंत्रित किया, जिससे दहशत और खराब मौसम की स्थिति के संपर्क में आने से बचाव हुआ। रक्षा अधिकारियों ने कहा कि समय पर किए गए त्वरित कार्यवाही से क्षेत्र में आवागमन बहाल करने में मदद मिली और खराब मौसम के बीच स्थिति को बिगड़ने से रोकने में भी मदद मिली।
काफी ऊंचाई वाली परिस्थितियों और जमा देने वाली ठंड के बाद भी सेना के जवान पूरे अभियान में काफी सक्रिय रहे। यह बचाव अभियान मानवीय सहायता और आपदा प्रतिक्रिया (एचएडीआर) के प्रति भारतीय सेना की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, विशेष रूप से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में जो प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित होते हैं।
अधिकारियों ने आगे कहा कि 'ऑपरेशन हिमराहत' का सफल संचालन एक बार फिर इस क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान एक विश्वसनीय प्राथमिक प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में सेना की भूमिका को रेखांकित करता है।