बड़ा ऐलान: केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा बोले, दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में जोड़ेगी सरकार, मिलेंगे 375 करोड़

सरकार दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध : केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा


देहरादून, 22 फरवरी। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।

मंत्री बीएल वर्मा ने देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में दिव्य कला मेले के 30वें संस्करण के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि मौजूदा बजट में आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एएलआईएमसीओ) के माध्यम से सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए 375 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को सीधा लाभ मिलेगा।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्लूडी) के निदेशक प्रदीप ए.ने कहा कि यह मेला एक व्यापक पहल है, जिसका उद्देश्य दिव्यांग उद्यमियों को बाजारों, वित्तीय सहायता और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की पहलों को और मजबूत करने के लिए इस कार्यक्रम के दौरान सहायक उपकरण पंजीकरण, संस्थागत जागरूकता स्टॉल और रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं।

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने दिव्यांगजनों के लिए नए अवसर पैदा करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और तकनीकी नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि प्रौद्योगिकी एक समानता लाने वाला कारक है और भेदभाव नहीं करती है।

राज्यपाल ने दिव्यांग कारीगरों की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने के लिए मेले में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाजारों में बढ़ावा देने के महत्व पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा, "दृढ़ संकल्प और क्षमता के बल पर दिव्यांगजन किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं। दिव्य कला मेला महज एक आयोजन नहीं बल्कि प्रेरणा और उत्साह का एक सशक्त मंच है जो भारत के आर्थिक विकास में दिव्यांगजनों के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करता है।"

टिहरी की सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने दिव्य कला मेले को महज एक प्रदर्शनी से कहीं अधिक बताया और इसे सामाजिक परिवर्तन और सशक्तिकरण का उत्प्रेरक कहा। उन्होंने इस तरह की पहलों को राष्ट्रीय मान्यता दिलाने और इस कार्यक्रम को उत्तराखंड में लाने के लिए भारत सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।

सांसद ने पैरालंपिक खेलों में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों के बीच प्रतिभा देश को गौरवान्वित करती रहती है और यह दर्शाती है कि अवसर और समर्थन उत्कृष्टता को संभव बना सकते हैं।

विधायक खजान दास ने मेले को एक सराहनीय पहल बताया जो दिव्यांगजनों को सम्मान और अवसर प्रदान करती है, और कहा कि ऐसे मंच आत्मविश्वास बढ़ाने और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।

देहरादून में आयोजित दिव्य कला मेले का 30वां संस्करण देशव्यापी स्तर पर आयोजित होने वाले ऐसे आयोजनों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब तक देश भर में आयोजित 29 संस्करणों में लगभग 2,362 दिव्यांग उद्यमियों ने भाग लिया है और 23 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया है।

सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को सहयोग देने के लिए 20 करोड़ रुपए से अधिक के ऋण भी स्वीकृत किए हैं, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, इस पहल के अंतर्गत आयोजित रोजगार मेलों में लगभग 3,131 उम्मीदवारों ने भाग लिया, जिनमें से 1,007 का चयन किया गया और 313 से अधिक को नौकरी के प्रस्ताव प्राप्त हुए।
 

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