नई दिल्ली, 22 फरवरी। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने एआई समिट के दौरान कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस प्रदर्शन को देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताते हुए इसे 'राष्ट्रविरोधी' करार दिया।
मीडिया से बातचीत में रामदास आठवले ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में दुनिया के कई देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शामिल हुए थे। भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर लगभग 80-90 देशों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में पहुंचे थे। ऐसे समय पर विरोध प्रदर्शन करना देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने जैसा है। इससे देश की छवि खराब हुई है।
आठवले ने कहा कि राहुल गांधी अपनी ही पार्टी को बदनाम कर रहे हैं। इस तरह की गतिविधियां देश के हित के खिलाफ हैं और इसे देशविरोधी मानसिकता के रूप में देखा जा सकता है।
महाराष्ट्र में आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए आठवले ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को पहले से ही आरक्षण का लाभ मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि मंडल आयोग के तहत जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण लागू है, उसमें मुस्लिम समुदाय की लगभग 80 प्रतिशत जातियां शामिल हैं और उन्हें इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को दिया गया 10 प्रतिशत आरक्षण भी सभी समुदायों के गरीब वर्गों को लाभ पहुंचाता है, जिसमें मुस्लिम समुदाय भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान के अनुरूप नहीं है और इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय भी स्पष्ट कर चुका है। इसी कारण महाराष्ट्र सरकार ने अपने फैसले लिए हैं।
घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का स्पष्ट मत है कि जो लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, उन्हें रहने का अधिकार नहीं दिया जा सकता। यदि किसी ने गलत दस्तावेजों के आधार पर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया है, तो उसकी जांच की जाएगी। अमित शाह ने कहा कि घुसपैठिए सिर्फ वोटर लिस्ट से नहीं, बल्कि देश से भी निकाले जाएंगे।
आठवले ने कहा कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करता है कि केवल वैध नागरिकों को ही मतदान का अधिकार मिले। मृत व्यक्तियों के नाम पर मतदान या एक ही व्यक्ति का नाम कई स्थानों पर दर्ज होना भी गंभीर समस्या है, इसलिए मतदाता सूची की शुद्धता जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी विशेष राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए है।
उन्होंने दिवंगत नेता रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग का भी समर्थन किया। आठवले ने कहा कि पासवान के साथ उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध बहुत अच्छे थे। राम विलास पासवान एक मजबूत सामाजिक नेता और अंबेडकरवादी विचारधारा के समर्थक थे, जिन्होंने देश, बिहार और दलित समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार से रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग हो रही है, तो इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।