नई दिल्ली 22 फरवरी। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के 131वें एपिसोड में पिछले वर्ष प्रयागराज में आयोजित किए गए महाकुंभ की चर्चा के साथ ही केरल कुंभ का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ की अद्भुत तस्वीरें आपको जरूर याद होंगी। संगम के तट पर उमड़ता जन सैलाब आस्था का अथाह प्रवाह और स्नान के उस पावन क्षण में जैसे भारत अपनी सनातन चेतना से साक्षात्कार कर रहा था। उन्होंने कहा कि महाकुंभ की वही धारा, वही माघ का महीना, वही श्रद्धा का स्वर जब उत्तर से दक्षिण की ओर बढ़ता है तो एक नई पहचान ले लेता है। उन्होंने कहा कि केरल की धरती पर भारतप्पुझा नदी के किनारे तिरुनावाया में सदियों पुरानी एक परंपरा रही है- मामंगम।
उन्होंने कहा कि इसे कई लोग महामाघ महोत्सव या केरल कुंभ भी कहते हैं। माघ के महीने में पवित्र नदी में स्नान और उस क्षण को जीवन का अमिट स्मरण बना लेना यह इसकी आत्मा है। समय के साथ यह परंपरा जैसे ओझल हो गई थी। करीब ढाई सौ वर्षों तक यह आयोजन उसी भव्यता में नहीं हुआ था, जैसे पहले हुआ करता था। लेकिन आज अपनी विरासत को फिर से पहचान रहे हमारे देश में इतिहास ने फिर करवट ली है।
इस बार बिना किसी बड़ी घोषणा के केरल कुंभ का सफल आयोजन हुआ। लोगों ने इसके बारे में एक-दूसरे को बताया। कानों-कान बात पहुंचती गई। देखते ही देखते श्रद्धालु तिरुनावाया पहुंचने लगे। पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ हो ये केरल कुंभ ये केवल स्नान का पर्व नहीं हैं। यह स्मृति का जागरण है। यह संस्कृति का पुर्नस्मरण है। उत्तर से दक्षिण तक नदियां भले अलग हों, किनारे भले अलग हों पर आस्था की धारा एक ही है, यही भारत है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 131वें एपिसोड में कई और विषयों पर बात की। उन्होंने एआई समिट को लेकर देशवासियों से बात की। इसके अलावा उन्होंने बच्चों से परीक्षा पर बात की। साथ ही डिजिटल अरेस्ट को लेकर पीएम मोदी ने देशवासियों को सतर्क किया।