मन की बात: पीएम मोदी ने सराहा केरल की 10 माह की नन्हीं आलिन के अंगदान को, दी कई को नई जिंदगी

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने केरल की सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर को किया याद


नई दिल्ली, 22 फरवरी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 131वें एपिसोड को संबोधित किया। मन की बात में पीएम मोदी ने केरल की 10 माह की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम का जिक्र किया, जिसके माता-पिता ने उसके ब्रेन डेड घोषित होने के बाद बॉडी ऑर्गन दान दिया और कई लोगों की जिंदगियां बदलीं।

पीएम मोदी ने कहा, "किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा दुख कुछ और हो ही नहीं सकता। छोटे से बच्चे को खोने का दुख तो और भी गहरा होता है। कुछ दिन पहले हमने केरल की एक नन्हीं मासूम आलिन शेरिन अब्राहम को खो दिया है। महज 10 महीनों में वह इस दुनिया से चली गई। कल्पना कीजिए उसके सामने पूरी जिंदगी थी, जो अचानक खत्म हो गई। कितने ही सपने और खुशियां और सपने अधूरी रह गई। उसके माता-पिता जिस पीड़ा से गुजर रहे होंगे, उसे शब्दों से व्यक्त नहीं किया जा सकता है, लेकिन इतने गहरे दर्द के बीच भी आलिन के पिता अरुण अब्राहम और मां शेरिन ने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे हर देशवासी वासी का हृदय सम्मान से भर गया है। उन्होंने आलिन के अंगदान का फैसला लिया।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "इस एक फैसले से पता चलता है कि उनकी सोच कितनी बड़ी है और व्यक्तित्व कितना विशाल। एक तरफ वे अपनी बच्ची को खोने के शोक में डूबे थे, तो दूसरी तरफ दूसरों की मदद का भाव भी उनमें भरा था। वे चाहते थे कि किसी भी परिवार को ऐसा दिन देखना ना पड़े। आलिन शेरिन अब्राहम हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसका नाम देश के कम उम्र के ऑर्गन डोनर्स में जुड़ गया है।"

पीएम मोदी ने बताया कि भारत में ऑर्गन डोनेशन को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है। इससे उन लोगों की मदद हो रही है जिन्हें इसकी जरूरत है। इसके साथ ही देश में मेडिकल रिसर्च को भी बल मिल रहा है। इस दिशा में कई संस्थाएं और लोग असाधारण कार्य कर रहे हैं।

एक अन्य मामले के बारे में जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "केरल की आलिन की तरह ही ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्होंने ऑर्गन डोनेशन के जरिए किसी को दूसरा जीवन दिया, जैसे दिल्ली की लक्ष्मी देवी हैं। उन्होंने बीते साल केदारनाथ की यात्रा की, इसके लिए उन्हें 14 किमी की ट्रैकिंग करनी पड़ी। आपको जानकारी हो कि उन्होंने यह यात्रा हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद की। उनका हार्ट केवल 15 फीसदी ही काम कर रहा था। ऐसे में उन्हें एक डोनर का हार्ट मिला, जिसकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद तो उनका जीवन ही बदल गया। पश्चिम बंगाल के गौरांग बनर्जी दो बार नाथुला गए। ये समुद्रतल से 14 हजार फीट की ऊंचाई पर है। खास बात ये है कि उन्होंने ये उपलब्धि फेफड़े के ट्रांसप्लांट के बाद हासिल की।"

उन्होंने कहा कि राजस्थान के सीकर में रामदेव श्री जी को किडनी ट्रांसप्लांट कराना पड़ा था। आज वे स्पोर्ट्स एक्टिविटी में कमाल कर रहे हैं।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top