अजमेर दरगाह में शिव मंदिर के चौंकाने वाले दावे पर सुनवाई टली, वकीलों की हड़ताल बनी रोड़ा, जानें आगे क्या

अजमेर दरगाह में शिव मंदिर दावे पर टली सुनवाई, हड़ताल पर हैं अधिवक्ता


अजमेर, 21 फरवरी। अजमेर दरगाह परिसर में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर महाराणा प्रताप सेना की ओर से दायर याचिका पर शनिवार को अजमेर की अदालत में सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण यह टल गई। अब मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।

महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने याचिका दायर की, जिसमें दावा किया गया है कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह के परिसर में पहले से शिव मंदिर मौजूद था। याचिकाकर्ता ने ऐतिहासिक साक्ष्यों, पुराने नक्शों, फोटोग्राफ्स और लाखों लोगों के हस्ताक्षरों के आधार पर पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग से जांच कराने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि दरगाह क्षेत्र में शिवलिंग और अन्य हिंदू चिह्नों के प्रमाण हैं, जिनकी वैज्ञानिक जांच होनी चाहिए।

अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए राजस्थान सरकार, पुरातत्व विभाग और दरगाह कमेटी को नोटिस जारी किए थे। याचिकाकर्ता पक्ष आज दस्तावेज और तथ्य अदालत में पेश करने की तैयारी में था, लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण कार्यवाही नहीं हो सकी। न्यायालय ने मामले को स्थगित कर सुनवाई के लिए नई तारीख 27 फरवरी तय कर दी है।

इस प्रकरण को लेकर अजमेर शहर में काफी चर्चा है। कुछ लोग इसे ऐतिहासिक जांच का मामला मानते हैं, जबकि अन्य पक्ष इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। मुस्लिम संगठनों ने भी विरोध जताया है और लाखों हस्ताक्षर इकट्ठा करने की मुहिम चलाई है।

याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि वे 27 फरवरी को पूरी तैयारी के साथ अदालत में उपस्थित होंगे। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किएहैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इस मामले की सुनवाई अब सभी की निगाहों में है, क्योंकि यह धार्मिक स्थलों से जुड़े पुराने दावों को नए सिरे से उठा रहा है।

पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने कहा कि वे अदालत की कार्यवाही के दौरान शांति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top