नागरिकता के बिना वोटर लिस्ट में नाम? सोनिया गांधी पर आरोप, रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई 13 मार्च तक टली

सोनिया गांधी के खिलाफ वोटर लिस्ट मामले में रिवीजन पिटीशन की सुनवाई टली


नई दिल्ली, 21 फरवरी। बिना नागरिकता हासिल किए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल रिवीजन याचिका पर राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई स्थगित कर दी गई है। अदालत ने अगली सुनवाई 13 मार्च को तय की है। वकील विकास त्रिपाठी ने इस मामले में रिवीजन पिटीशन दाखिल की है।

सुनवाई के दौरान सोनिया गांधी की ओर से पेश वकील ने अदालत से सुनवाई टालने का अनुरोध किया। पिछली सुनवाई में वकील ने कोर्ट को बताया था कि याचिका तथ्यहीन है। इसमें राजनीतिक प्रेरणा झलकती है और यह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

बिना नागरिकता प्राप्त किए वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के आरोप को लेकर सोनिया गांधी के खिलाफ पहले भी मामला दर्ज करने की मांग वाली याचिका सितंबर में मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी, लेकिन उनका नाम 1980 की नई दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल था। याचिका में सवाल उठाया गया कि 1980 की वोटर सूची में उनका नाम कैसे शामिल हो गया और 1982 में उनका नाम मतदाता सूची से क्यों हटाया गया?

याचिका में यह भी दावा किया गया कि जब सोनिया गांधी ने 1983 में नागरिकता प्राप्त की, तो 1980 में उनके नाम को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और क्या इसमें फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया?

सुनवाई स्थगित होने के बाद अदालत ने कहा कि अगली तारीख पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही इस याचिका पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इस मामले में राजनीतिक और कानूनी हलचल लगातार जारी है।
 

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