बागलकोट, 21 फरवरी। कर्नाटक के बागलकोट जिला में शनिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में महाराष्ट्र के दो प्रवासी मजदूरों और दो वर्षीय बच्चे समेत कुल चार लोगों की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर गन्ने के खेत में कटाई कार्य के लिए जा रहे थे। इसी दौरान ट्रॉली ट्रैक्टर से अलग होकर जमाखंडी तालुक के कट्टे केरे के पास पलट गई।
मृतकों की पहचान मनीष पांडे (23), हलाकी पांडे (2), लक्ष्मी चिरामदी (27) और रेखा भुके के रूप में हुई है। सभी यवतमाल जिला के गुप्तवाड़ी गांव के निवासी थे। ये मजदूर मौसमी गन्ना कटाई के काम के सिलसिले में जमाखंडी क्षेत्र आए थे।
पुलिस ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि चारों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
इससे पहले 31 जनवरी को बेंगलुरु के बाहरी क्षेत्र होसकोटे तालुक के मुथसंद्रा गांव में एक निजी कंपनी में कार्यरत असम के चार प्रवासी मजदूर रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। पुलिस के अनुसार, घटना के समय वे एक शेड में सो रहे थे और प्रारंभिक जांच में दम घुटने से मौत की आशंका जताई गई थी, हालांकि मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
8 फरवरी को आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिला के तीन प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह हादसा कोलार जिला के श्रीनिवासपुर के पास उस समय हुआ, जब कृषि मजदूरों को ले जा रही एक जीप पलट गई थी। बताया गया कि श्रमिक खेती-बाड़ी का काम कर घर लौट रहे थे।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।