स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के आवास पर हमला! सीपीआई (एम) भड़की, विपक्ष पर हिंसा-अशांति फैलाने का गंभीर आरोप

सीपीआई (एम) ने की वीना जॉर्ज के आवास पर हमले की निंदा, विपक्ष पर अशांति फैलाने का आरोप


तिरुवनंतपुरम, 21 फरवरी। केरल में राज्य सचिवालय ने शनिवार को विपक्ष पर राज्य में अशांति फैलाने का आरोप लगाया। इस दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने कहा कि हाल के विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक सीमाओं को पार कर गए हैं और हिंसक रूप ले चुके हैं।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के आवास पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने गेट तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और घर पर पुष्पमाला रखी। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि एक पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त किया गया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हमला किया गया।

सचिवालय ने कहा कि ऐसी घटनाओं का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था का संकट पैदा करना था। सीपीआई (एम) और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के प्रति कभी असहिष्णुता नहीं दिखाई है। बयान में कहा कि कम्युनिस्टों का विकास गहन संघर्षों और बलिदानों के माध्यम से हुआ है। पार्टी ने पिछली सरकारों के दौरान सशक्त आंदोलन चलाए थे, लेकिन उसने कभी मंत्रियों को व्यक्तिगत रूप से निशाना नहीं बनाया या उनके घरों पर विरोध प्रदर्शन नहीं किया।

सरकार के कार्यों का बचाव करते हुए, सीपीआई (एम) ने दावा किया कि केरल ने पिछले एक दशक में किसी भी क्षेत्र में व्यापक जन अशांति पैदा किए बिना कल्याण और विकास सुनिश्चित किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस शासन मॉडल से असंतुष्ट लोग राज्य को अनावश्यक आंदोलनों और हिंसा की ओर धकेलने का प्रयास कर रहे हैं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र का जोरदार बचाव करते हुए पार्टी ने कहा कि हाल के वर्षों में इसने अभूतपूर्व स्तर हासिल किए हैं, जहां सरकारी अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण उपचार और दवाओं की निर्बाध आपूर्ति उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि लिवर और हृदय प्रत्यारोपण जैसी जटिल प्रक्रियाएं अब सरकारी अस्पतालों में की जा रही हैं। पार्टी के अनुसार, यह देश में पहली बार है। सीपीआई (एम) ने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करती है, जांच के आदेश देती है और जहां आवश्यक हो वहां सख्त कार्रवाई करती है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि केरल में सर्जिकल चिकित्सा त्रुटियों की दर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा उद्धृत वैश्विक अनुमानों से कम है।

सचिवालय ने आरोप लगाया कि मीडिया के कुछ वर्ग छिटपुट घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर गलत सूचना फैला रहे हैं और राज्य के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ रहे हैं। सचिवालय ने संयम बरतने का आह्वान किया और सभी हितधारकों से सामाजिक सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया।
 

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