खुशखबरी! मुंबई मोनोरेल को मिली सुरक्षा मंजूरी, जल्द दौड़ेंगी अत्याधुनिक ट्रेनें, यात्रियों का इंतजार खत्म

मुंबई मोनोरेल को नए रोलिंग स्टॉक और सीबीटीसी सिग्नलिंग के लिए मिली सुरक्षा मंजूरी, जल्द बहाल होंगी सेवाएं


मुंबई, 21 फरवरी। मुंबई मोनोरेल के नए रोलिंग स्टॉक (ट्रेनों) और सीबीटीसी-आधारित सिग्नलिंग सिस्टम को इंडिपेंडेंट सेफ्टी असेसर (आईएसए) से सुरक्षा प्रमाणपत्र मिल गया है। यह प्रमाणपत्र ब्यूरो वेरिटास जैसी वैश्विक संस्था ने जारी किया है। इससे मुंबई मोनोरेल की सेवाएं जल्द बहाल होने की उम्मीद जगी है।

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने कई कठिन परीक्षणों और जांचों के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। प्रमाणपत्र मिलने से पहले नए ट्रेनों की फैक्ट्री में विस्तृत जांच की गई। डिजाइन और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर स्थिर और गतिशील परीक्षण किए गए। ऑसिलेशन ट्रायल सफल रहे। मिस्र मोनोरेल जैसा उन्नत सीबीटीसी सिग्नलिंग सिस्टम लगाया गया और उसके इंटरफेस स्तर पर परीक्षण पूरे हुए। आईएसए ने पूरी सुरक्षा मूल्यांकन, दस्तावेज समीक्षा और प्रोटोकॉल सत्यापन किया। पिछले दो महीनों में मोनोरेल कॉरिडोर के कई हिस्सों में सिस्टम इंटीग्रेशन और परफॉर्मेंस की कड़ी जांच हुई।

नई ट्रेनों में यात्रियों के आराम और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इनमें बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, मेट्रो-स्तर का बड़ा इंटीरियर, दिव्यांगों के लिए आरामदायक सीटिंग शामिल है, जिससे यात्रा स्थिर और सुविधाजनक हो। एलईडी लाइटिंग, चार्जिंग सॉकेट, डायनामिक आंतरिक और बाहरी यात्री सूचना डिस्प्ले से रीयल-टाइम जानकारी मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है। ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन, सीसीटीवी सर्विलांस, रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, बेहतर कपलर और इवेंट रिकॉर्डर से सुरक्षा मजबूत हुई है। आईपी-आधारित ट्रेन कंट्रोल सिस्टम, ऊर्जा-कुशल मोटर और स्वदेशी निर्माण से परिचालन कुशलता बढ़ी है, ऊर्जा खपत घटी है, मेंटेनेंस आसान हुआ है और आयात पर निर्भरता कम हुई है। यह 'मेक इन इंडिया' पहल को मजबूती देता है।

अभी महाराष्ट्र सरकार के अर्बन डेवलपमेंट विभाग द्वारा एक इंजीनियर की नियुक्ति का काम चल रहा है। यह इंजीनियर पूरे 19.54 किलोमीटर मोनोरेल कॉरिडोर (चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक तक) की विस्तृत जांच करेगा और पैसेंजर सेवाओं के लिए अंतिम वैधानिक प्रमाणपत्र देगा।

अंतिम मंजूरी मिलते ही मुंबई मोनोरेल की सेवाएं फिर शुरू हो जाएंगी। एमएमआरडीए मुंबईवासियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सेवाएं सुरक्षित, भरोसेमंद और कुशल तरीके से बहाल करने का प्रयास जारी है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह प्रमाणपत्र महाराष्ट्र के सुरक्षा और स्वदेशी नवाचार के प्रति समर्पण को दर्शाता है। कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल से गुजरकर यह साबित हुआ है कि हमारी ट्रांजिट तकनीक आधुनिक और मजबूत दोनों है। यह हर मुंबईकर के लिए भरोसे की मुहर है।

वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह प्रमाणपत्र मुंबईकरों को सुरक्षित और आधुनिक यात्रा अनुभव देने की गारंटी है। देसी इंजीनियरिंग को प्राथमिकता देकर सिस्टम की नींव मजबूत हुई है।

एमएमआरडीए के मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि मोनोरेल का आधुनिकीकरण 'मुंबई इन मिनट्स' विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नए रेक और सीबीटीसी से पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य के लिए तैयार हो रहा है। 'मेक इन इंडिया' से यह हाई-परफॉर्मेंस लिंक बनेगा, जहां हर यात्री को वैश्विक स्तर की सुरक्षा और सम्मान मिलेगा।
 

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