अपने घर के बाहर विरोध पर भड़कीं वीना जॉर्ज, कहा- सर्जिकल लापरवाही पर एलओपी सतीशन ने भड़काया प्रदर्शन

मंत्री वीना जॉर्ज ने अपने खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए एलओपी सतीशन को दोषी ठहराया


तिरुवनंतपुरम, 21 फरवरी। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शनिवार को अलाप्पुझा के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई कथित सर्जिकल लापरवाही के मामले में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन पर विरोध भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पहले ही सभी जरूरी कदम उठा चुकी है।

मंत्री ने अपने सरकारी आवास के बाहर हुए यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि विरोध क्यों किया जा रहा है। उनका कहना था कि जो भी कार्रवाई करनी थी, वह पहले ही की जा चुकी है और विरोध के नाम पर इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

यह विरोध 2021 की उस घटना को लेकर किया गया, जिसमें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर एक मरीज के पेट के अंदर सर्जिकल उपकरण रह जाने का मामला सामने आया था। इसी के विरोध में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता मंत्री के घर तक माला लेकर मार्च करते हुए पहुंचे और सुबह करीब आठ बजे कथित तौर पर पुलिस सुरक्षा घेरा पार कर माला को घर के प्रवेश द्वार पर रख दिया। बाद में पुलिस ने माला हटा दी।

इस घटना से सुरक्षा व्यवस्था में कमी भी उजागर हुई, क्योंकि उस समय मंत्री के घर पर केवल तीन पुलिसकर्मी तैनात थे। विरोध शुरू होने के लगभग पंद्रह मिनट बाद अतिरिक्त पुलिस बल वहां पहुंचा।

जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और वहां से हटाने की कोशिश की, तो हल्की झड़प भी हुई। कुछ कार्यकर्ताओं ने हिरासत में लिए जा रहे लोगों को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया।

इस मामले में अंबालाप्पुझा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 और 125 (ए) के तहत इंसानी जान और व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने का मामला दर्ज किया है। मरीज की एक रिश्तेदार उषा जोसेफ की शिकायत के आधार पर विभाग की प्रमुख डॉ. ललिताम्बिका को फिलहाल इस मामले में एकमात्र आरोपी बनाया गया है। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर अन्य लोगों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं।

तिरुवनंतपुरम और कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों की एक समिति इस मामले की जांच कर रही है और वह अपनी रिपोर्ट जल्द ही मेडिकल शिक्षा निदेशक को सौंपने वाली है। प्रारंभिक जांच में प्रक्रिया के दौरान लापरवाही के संकेत मिलने के बाद सर्जन डॉ. शाहिदा और नर्सिंग अधिकारी धन्या को निलंबित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई विशेषज्ञ समिति की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
9,045
Messages
9,077
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top