भारत-अमेरिका ने बढ़ाई तकनीक साझेदारी, निवेश और नवाचार पर जोर; AI में साथ मिलकर बनेंगे वैश्विक शक्ति

नवाचार, निवेश और फ्री एंटरप्राइज को बढ़ावा देंगे भारत-अमेरिका, एआई में वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य


नई दिल्ली, 20 फरवरी। भारत गणराज्य और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और उन्‍नत प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग को नई द‍िशा देते हुए दोनों देशों ने साझा नवाचार ढांचे पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की रणनीतिक तकनीकी पहल के अनुरूप यह साझेदारी एआई, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित रहेगी, जिससे दोनों लोकतंत्र भविष्य की तकनीकी प्रतिस्पर्धा में संयुक्त नेतृत्व स्थापित करना चाहते हैं।

भारत गणराज्य और संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकारों ने आज अपने नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (इनोवेशन इकोसिस्टम) के लिए एक साझा दृष्टि को स्वीकार किया। साथ ही, 21वीं सदी के संदर्भ में पैक्स सिलिका डिक्लेरेशन के सिद्धांतों की प्रासंगिकता को भारत-यूनाइटेड इस्‍टेट कॉम्प्रिहेंसिव ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और भारत-यूनाइटेड इस्‍टेट कॉम्‍पैकट (मिलिट्री पार्टनरशिप और एक्सेलरेटेड कॉमर्स और टेक्नोलॉजी) से जोड़ा।

दोनों पक्ष यह मानते हैं कि 21वीं सदी में जरूरी मिनरल्स और एनर्जी से लेकर कंप्यूटर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परिभाष‍ित होगी। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं क‍ि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भव‍िष्‍य व‍िश्‍वसनीय सहयोग, आर्थ‍िक सहयोग, आर्थ‍िक सुरक्षा और मुक्‍त व्‍यापार की मजबूत नींव पर न‍िर्भर होना चाह‍िए। दोनों पक्ष इस विश्वास को साझा करते हैं कि स्वतंत्र विश्व के सामने एक महत्वपूर्ण जोखिम एआई की प्रगति नहीं है, बल्कि उसमें नेतृत्व करने में विफल रहना है। इस मामले में दोनों पक्षों ने एआई के लिए एक ग्लोबल अप्रोच अपनाने का इरादा जताया है, जो एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन के लिए पूरी तरह से फ्रेंडली हो।

दोनों पक्ष ऐसे नियामक ढांचे अपनाने और मुख्यधारा में लाने का संकल्प लेते हैं, जो तकनीकी नवाचार को आगे बढ़ाएं और निवेश को प्रोत्साहित करें। उनका मकसद एक प्रो-ग्रोथ रेगुलेटरी माहौल बनाना है जो एआई इनोवेशन को बढ़ावा दे और बिल्डर्स, कोडर, क्रिएटर्स, स्टार्टअप्स और उन प्लेटफॉर्म्स को मजबूत बनाए, जो उन्हें दोनों देशों में सुरक्षित और भरोसेमंद एआई इकोसिस्टम बनाने के लिए तेजी से टेस्ट, डिप्लॉय और स्केल करने में मदद करते हैं।

दोनों पक्ष भविष्य की आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन देने के लिए पैक्स सिलिका ढांचे के अंतर्गत सहयोग को गहरा करने की योजना बनाते हैं। इसमें भरोसेमंद एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने, जरूरी मिनरल्स का प्रोडक्शन करने, स्किल्ड वर्कफोर्स का इस्तेमाल करने और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के डेवलपमेंट में तेजी लाने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स सहित जॉइंट इनिशिएटिव्स की खोज करना शामिल है।

दोनों पक्ष ऐसा वातावरण विकसित करना चाहते हैं जहां एआई क्रांति निजी क्षेत्र की रचनात्मक शक्ति द्वारा संचालित हो और सशक्त डेवलपर टूल्स व प्लेटफॉर्म्स के पारितंत्र द्वारा उत्प्रेरित हो, जो प्रवेश की बाधाओं को कम करें। वे सीमापार वेंचर कैपिटल प्रवाह और अनुसंधान एवं विकास साझेदारियों को सुगम बनाने का प्रयास करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे लोकतंत्र और हमारे उद्यमी भविष्य के निर्माता बने रहें।

दोनों पक्ष अगली पीढ़ी के डेटा केंद्रों में उद्योग साझेदारियों और निवेश को सक्षम बनाने, एआई के लिए कंप्यूटर और प्रोसेसर के विकास एवं उपलब्धता पर सहयोग करने, तथा एआई मॉडलों में नवाचार और एआई अनुप्रयोगों के विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करने का इरादा रखते हैं।

यह साझेदारी एक नए युग का संकेत देती है, जिसमें विश्व के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र न केवल स्वतंत्रता की रक्षा में, बल्कि अपने नागरिकों के लिए समृद्धि और सामंजस्य की उद्देश्यपूर्ण खोज में भी एकजुट खड़े हैं। दोनों मिलकर एक ऐसा एआई भविष्य बनाना चाहते हैं जो उनके नागरिकों की सेवा करे, उनकी अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को मजबूत करे, और आजादी, खुलेपन और कानून के राज के उनके साझा मूल्यों को दिखाए।
 

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