US Tariff News: अमेरिका ने भारत के इलेक्ट्रिकल मशीनरी, गहने, फार्मा उत्पाद, न्यूक्लियर मशीनरी, स्टील और सी-फूड पर 26% टैरिफ लगाया। वैसे तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 02 अप्रैल को इसकी घोषणा कर दी लेकिन यह 9 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा। आइये जानते है अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले के बाद किन सेक्टर पर हो सकता है इसका व्यापक असर।
भारत के इन 6 सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर: अमेरिका ने भारत के साथ किया गेम
नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2025: अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 26% टैरिफ से कई प्रमुख उद्योग प्रभावित होंगे। यहाँ उन 6 मुख्य उत्पाद श्रेणियों की पूरी जानकारी दी जा रही है जिन पर यह टैरिफ सीधे लागू होगा:
1. इलेक्ट्रिकल मशीनरी (26% टैरिफ)
- प्रभावित उत्पाद: ट्रांसफॉर्मर, इलेक्ट्रिक मोटर्स, पावर जनरेटर्स
- निर्यात मूल्य (2024): $4.2 बिलियन
- प्रमुख कंपनियाँ: बीएचईएल, सीमेंस इंडिया
2. गहने और ज्वेलरी (26% टैरिफ)
- प्रभावित उत्पाद: हीरे के आभूषण, सोने के गहने
- निर्यात मूल्य (2024): $7.8 बिलियन
- प्रभाव: सूरत और मुंबई के 10,000+ छोटे व्यवसाय प्रभावित
3. फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स (26% टैरिफ)
- प्रभावित उत्पाद: जेनेरिक दवाएँ, वैक्सीन
- निर्यात मूल्य (2024): $6.5 बिलियन
- चिंता का विषय: अमेरिका भारतीय फार्मा का सबसे बड़ा बाजार
4. न्यूक्लियर रिएक्टर मशीनरी (26% टैरिफ)
- प्रभावित उत्पाद: रिएक्टर कंपोनेंट्स, कूलिंग सिस्टम
- निर्यात मूल्य (2024): $1.2 बिलियन
- विशेष जानकारी: यह टैरिफ भारत-अमेरिका न्यूक्लियर डील को प्रभावित कर सकता है
5. आयरन और स्टील (25% टैरिफ)
- प्रभावित उत्पाद: हॉट-रोल्ड कोइल्स, स्टील पाइप्स
- निर्यात मूल्य (2024): $3.4 बिलियन
- तथ्य: अमेरिका ने सभी देशों की स्टील पर 25% टैरिफ लगाया है
6. सी-फूड (26% टैरिफ)
- प्रभावित उत्पाद: झींगा, मछली उत्पाद
- निर्यात मूल्य (2024): $2.1 बिलियन
- प्रभाव: केरल और गुजरात के मछुआरों पर संकट
टैरिफ की टाइमिंग: कब से कब तक?
- घोषणा तिथि: 2 अप्रैल 2025
- प्रभावी तिथि: 9 अप्रैल 2025
- समीक्षा तिथि: 31 दिसंबर 2025
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा:
“हम अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखेंगे। भारतीय उद्योगों के हितों की रक्षा हमारी प्राथमिकता है।”
विशेषज्ञों की राय
- आशीष नंदा (व्यापार विश्लेषक): “फार्मा और ज्वैलरी सेक्टर को तुरंत वैकल्पिक बाजार तलाशने होंगे”
- प्रो. अरुण कुमार (अर्थशास्त्री): “इससे भारत का कुल निर्यात 2-3% तक गिर सकता है”
जानिए, भारी भरकम टैरिफ लगाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति का क्या कहना है?
2 अप्रैल इतिहास में उस वक्त दर्ज हो गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन समेत 50 से अधिक देशों पर टैरिफ लगा कर दुनियाभर के शेयर बाजार में भूचाल ला दिया। दरअसल इस फैसले के बाद Economic Crisis की स्थिति बनती हुई दुनियाभर के बाजारों में देखने को मिली।
यहां यह भी बता दे कि, टैरिफ लगाने में ट्रम्प ने गरीब देशों जैसे श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यामार को भी नही छोड़ा। सोशल मीडिया के X पर ट्रम्प द्वारा लाई गई इस नीति पर खूब बहस हो रही है।
यहां यह भी बता दे, राष्ट्रपति चुनाव के वक्त अपने बयानों से मैक्सिको और कनाडा पर जोरदार हमला करने वाले डोनाल्ड ट्रम्प ने इन दोनों देशों के प्रति टैरिफ के मामले में दरियादिली दिखा दी। जो चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आइये जानते है उन्होंने नई टैरिफ नीति लागू करते वक्त अपने संबोधन में क्या कहा –
” मेरे साथी अमेरिकियों, यह मुक्ति दिवस है, जिसका लंबे समय से इंतजार था। 2 अप्रैल, 2025 को हमेशा याद किया जाएगा, क्योंकि यह वह दिन है जब अमेरिकी उद्योग का पुनर्जन्म हुआ। जिस दिन अमेरिका की नियति को पुनः प्राप्त किया गया और जिस दिन हमने अमेरिका को फिर से समृद्ध बनाना शुरू किया। दशकों से, हमारे देश को अन्य देशों, मित्र और शत्रु दोनों ने लूटा गया। अमेरिकी स्टीलवर्कर्स, ऑटो वर्कर्स, किसान और कुशल कारीगरों ने बड़ी पीड़ा झेली है। हमारे देश और इसके करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है। “
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q: क्या यह टैरिफ स्थायी है?
A: नहीं, यह 31 दिसंबर 2025 तक समीक्षा के लिए है।
Q: कौन सा सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होगा?**
A: ज्वैलरी और फार्मा सेक्टर को सबसे ज्यादा झटका लगेगा।
भारत के लिए क्या है अब आगे का विकल्प?
- अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखना
- यूरोप और मध्य पूर्व में नए बाजार तलाशना
- ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देना
क्या आपको लगता है भारत को अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाना चाहिए? कमेंट में बताएं!