नई दिल्ली, राजस्थान 20 जुलाई: राजस्थान में भारी बारिश ने कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है, जिसमें नागौर, अजमेर, बूंदी, पाली, पुष्कर और सवाई माधोपुर शामिल हैं।
नागौर में लांपोलाई तालाब ओवरफ्लो हो गया, जिससे सड़कों पर मछलियां तैरती नजर आईं, जिसने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
पिछले 24 घंटों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 7 लोगों की मौत हुई है, जिसमें डूबने और अन्य दुर्घटनाएं शामिल हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है, लेकिन 20 जुलाई से बारिश में कमी आने की संभावना है।
राजस्थान में भारी बारिश का कहर
राजस्थान में मानसून का प्रकोप जारी है, और पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। विशेष रूप से नागौर, अजमेर, बूंदी, पाली, पुष्कर और सवाई माधोपुर जैसे जिलों में नदी-नाले और तालाब उफान पर आ गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बूंदी के नैनवा में 234.0 मिमी, नागौर के मेरता सिटी में 230 मिमी, और अजमेर के मंगलियावास में 190 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस भारी बारिश के कारण कई गांव कट गए हैं और सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे यातायात और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है।
नागौर में अनोखा नजारा
नागौर जिले के रियांबी गांव में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहां लगातार बारिश के कारण लांपोलाई तालाब ओवरफ्लो हो गया। तालाब का पानी सड़कों पर आ गया, जिससे तालाब की मछलियां सड़कों पर तैरने लगीं। ग्रामीणों की बड़ी संख्या इस दृश्य को देखने के लिए जमा हुई, और यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी बारिश और इस तरह का नजारा कभी नहीं देखा।
बारिश से जुड़ी दुर्घटनाएं और मौतें
पिछले 24 घंटों में राजस्थान में भारी बारिश से जुड़ी कई दुर्घटनाओं में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
- अजमेर के किशनगढ़ में एक तालाब में डूबने से 4 लड़कियों की मौत, जिनमें से 3 की मौत की पुष्टि हुई है।
- सवाई माधोपुर में एक 4 साल का बच्चा बारिश के पानी में डूब गया।
- जोधपुर के सूरसागर इलाके में एक युवक तालाब में डूब गया, जिसकी तलाश जारी है।
- बूंदी के डूंगरी गांव में एक व्यक्ति बह गया, जिसका अभी तक कोई पता नहीं चला है।
- टोंक में एक बाइक सवार को शुक्रवार रात (18 जुलाई) बहते पानी में बहते हुए देखा गया था, जिसका शव बाद में मिला।
भारी बारिश ने नागौर, अजमेर, बूंदी, पाली, पुष्कर, सवाई माधोपुर, जोधपुर, टोंक और अन्य जिलों को प्रभावित किया है। कई गांव कट गए हैं, और सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे यातायात बाधित हुआ है। उदाहरण के लिए, जोधपुर-जयपुर हाईवे पर बानाड रोड जलमग्न हो गया, जिससे कई वाहन फंस गए। टोंक के गोलेरा गांव के पास बानास नदी में 17 लोग फंसे थे, जिन्हें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने बचाया।
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राजस्थान सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। कई जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है, और आपदा प्रबंधन दलों को हर्ताल पर लगाया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है, विशेष रूप से जोधपुर, अजमेर और उदयपुर डिवीजन में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
राजस्थान में भारी बारिश का यह दौर राज्य के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। नागौर में मछलियों के सड़कों पर तैरने जैसे अनोखे नजारों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है, लेकिन साथ ही बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में 7 लोगों की मौत ने स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है, लेकिन 20 जुलाई से बारिश में कमी आने की उम्मीद है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को इस आपदा से निपटने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों की जान-माल की हानि को कम किया जा सके।