देवरिया 03अप्रैल: उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में आग का कहर बदस्तूर जारी है जिससे गेहूं की खड़ी फसल किसानों के घर में जाने के बजाय खेत में ही जलकर राख में तब्दील हो जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि भूसा बनाने वाली रेपर मशीन के कारण आग लगी है। ग्रामीणों के आरोप में कितनी सच्चाई है यह तो जांच का विषय है लेकिन इतना तो तय है कि जिस देश की अधिकांश आबादी के पास दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। वहां इस तरह अनाज आग में जलकर मिट्टी और हवा में मिल जा रहा है और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
आग का कहर – मिट्टी में मिल गई तैयार गेहूं की फसल।
देवरिया जिले के एकौना थाना क्षेत्र के जगदीशपुर भेलउर ताल में गुरुवार दोपहर गेंहू के खड़ी फसल में आग लग गई। बता दे, जगदीशपुर भेलउर ताल की गिनती रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के सबसे पिछड़े गांव के रूप में होती है। यह पूरा इलाका दो नदियों राप्ती और गोर्रा के बीच बसा हुआ है। यहां बाढ़ का खतरा हर साल बना रहता है जिस कारण केवल एक ही फसल यहां होती है। यह एक फसल भी किसानों के खेते से घर जाने के बजाय आग के कहर से मिट्टी में मिल जा रही है।
यह पहली बार नहीं हुआ है कि यहां आग लगी है। दरअसल साल दर साल आग के कारण हजारों एकड़ में फैली गेहूं की फसल राख में तब्दील हो जा रही है लेकिन इसका आज तक कोई स्थाई समाधान मिलता नहीं नजर आ रहा हैं। अगर इसी तरह प्रशासन दफ्तर में बैठ कर कुर्सी तोड़ता रहा तो आग का कहर ऐसे ही हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जारी रहेगा।
दोआबा में आग का कहर: वीडियो हुआ वायरल।
दोआबा के जगदीशपुर, भेलउर आदि गांवों में लगीं आग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जिसमें किसानों का साफ आरोप है कि इस आगजनी का कारण भूसा बनाने वाली मशीन यानी रेपर है। बावजूद इसके प्रशासन रेपर पर रोक लगाने में पूरी तरह असफल नजर आ रहा है।
आग लगने के दो घंटे बाद तक नहीं पहुंचे मौके पर जिम्मेदार।
किसानों का कहना है कि आग लगने की सूचना स्थानीय थाना, तहसील व दमकल विभाग को दे दिया गया है। लेकिन दो घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार कोई खोज-खबर लेने नहीं आए।
ऐसे में ग्रामीण खुद पेड़ो की टहनियों से आग बुझाने का प्रयास कर रहे है। वहीं इन गांव के लेखपाल, राजस्व अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो वह भी मौके पर मौजूद नहीं रहे।
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मालूम हो कि इसके पहले रुद्रपुर तहसील के ही करमेल बनरही गांव में महंथ यादव के खेत में आग लग गई थी। जिसके बाद देखते ही देखते बगल के गांव बड़हरा तक यह आग फैल गई। जिससे कई किसानों की गेहूं की खड़ी फसल आग की भेट चढ़ गई। आए दिन हो रही आग की इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन अभी तक कोई ठोस कदम उठाने के बजाय मूक दर्शक बना हुआ है।
जिलाधिकारी देवरिया के आदेश का नहीं हुआ पालन।
जिलाधिकारी देवरिया दिव्या मित्तल ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व, कृषि, अग्निशमन, विद्युत और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कहा कि, खेतों में कोई भी कंबाइन हार्वेस्टर या कृषि मशीन बिना अग्निशमन यंत्र और बालू की बाल्टी के नहीं चलेगी। सुरक्षा उपकरणों के अभाव में मशीन जब्त कर ली जाएगी। उन्होंने सभी थानों में अग्निशमन को अलर्ट किया। लेकिन जिलाधिकारी के आदेश को दरकिनार कर देवरिया में कृषि मशीन बिना अग्निशमन यंत्र और बालू की बाल्टी के चल रही है।
जिस कारण इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। अब आगे देखने वाली बात होगी कि जिलाधिकारी इस घटना के बाद क्या कदम उठाती है।