ग्रेटर नोएडा में 80 करोड़ की साइबर ठगी का बड़ा प्लान ध्वस्त, अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से जुड़े 2 विदेशी गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा: साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का पर्दाफाश, 2 विदेशी नागरिक गिरफ्तार


ग्रेटर नोएडा, 12 मार्च। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम, थाना नॉलेज पार्क पुलिस और मेरठ जोन की साइबर कमांडो टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराष्ट्रीय साइबर थ्रेट एक्टर “सोलर स्पाइडर” से जुड़े बताए जा रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक, गोपनीय इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर पता चला था कि यह साइबर गिरोह पिछले सप्ताह से सक्रिय हो गया है और कुछ को-ऑपरेटिव बैंकों की सुरक्षा प्रणाली में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाकर बड़े स्तर पर साइबर ठगी को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद साइबर क्राइम टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया।

जांच में सामने आया कि आरोपियों की योजना लक्षित को-ऑपरेटिव बैंकों से करीब 60 से 80 करोड़ रुपए की रकम अवैध तरीके से म्यूल खातों में ट्रांसफर करने की थी। इसके बाद इस धनराशि को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से विदेश भेजने की तैयारी थी। पुलिस की समय रहते की गई कार्रवाई से इस बड़े साइबर फ्रॉड को रोक लिया गया।

पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने 7 से 8 मार्च के दौरान गुजरात के भावनगर स्थित एक को-ऑपरेटिव बैंक के सर्वर में सेंध लगाकर लगभग 7 करोड़ रुपए की ठगी की थी। आरोपी जानबूझकर सप्ताह के अंतिम दिनों में ट्रांजेक्शन करते थे, ताकि बैंक बंद रहने के कारण धोखाधड़ी का पता देर से चल सके और पैसे आसानी से विदेश ट्रांसफर किए जा सकें।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी करीब एक वर्ष पहले भारत आए थे और दो दिन पहले ही ग्रेटर नोएडा में किराए पर एक कमरा लिया था, जहां से वे साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने की तैयारी कर रहे थे।

इस पूरे मामले की जानकारी तुरंत गृह मंत्रालय की इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) को दी गई, साथ ही संबंधित बैंकों को भी अलर्ट किया गया ताकि आगे होने वाले किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन को रोका जा सके।

प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस साइबर गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हैं और इसका कनेक्शन नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका में सक्रिय साइबर अपराधियों से हो सकता है। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है, जो म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराते हैं या भारत में बैठकर इस नेटवर्क की मदद कर रहे हैं।

घटना को देखते हुए पुलिस ने सभी को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए साइबर सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने, सर्वर की सुरक्षा बढ़ाने और संभावित वल्नरेबिलिटी की नियमित समीक्षा करने की सलाह दी है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
15,770
Messages
15,807
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top